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Wednesday, July 26, 2017

26 July - Day in History of India and Importance in Hindi - भारत देश के इतिहास


भारत  देश के इतिहास में 26 जुलाई

कारगिल विजय दिवस


2008: गुजरात के अहमदाबाद शहर में 21 धमाके हुए. इस हादसे में 56 लोग मारे गए और 200 से ज्यादा जख्मी हुए.


http://aajtak.intoday.in/education/story/26-july-in-world-and-india-history-in-hindi-1-824619.html

Friday, May 8, 2015

Maharana Pratap - Hindi





‌‌‌‌‌‌‌महाराणा प्रताप ( जन्म: 9 मई, 1540 ई, - मृत्यु: 29 जनवरी, 1597 ई.  शासन काल 1568-1597 ई. ) उदयपुर, मेवाड़ में सिसोदिया राजवंश के राजा थे। उन्होंने कई सालों तक मुगल सम्राट अकबर के साथ संघर्ष किया।

हल्दीघाटी युध

प्रताप और जहाँगीर का संघर्ष

हल्दीघाटी के इस प्रवेश द्वार पर अपने चुने हुए सैनिकों के साथ प्रताप शत्रु की प्रतीक्षा करने लगे। दोनों ओर की सेनाओं का सामना होते ही भीषण रूप से युद्ध शुरू हो गया और दोनों तरफ़ के शूरवीर योद्धा घायल होकर ज़मीन पर गिरने लगे। प्रताप अपने घोड़े पर सवार होकर द्रुतगति से शत्रु की सेना के भीतर पहुँच गये और उस जगह पर पहुँच गये, जहाँ पर 'सलीम' (जहाँगीर) अपने हाथी पर बैठा हुआ था। प्रताप की तलवार से सलीम के कई अंगरक्षक मारे गए और यदि प्रताप के भाले और सलीम के बीच में लोहे की मोटी चादर वाला हौदा नहीं होता तो अकबर अपने उत्तराधिकारी से हाथ धो बैठता। प्रताप के घोड़े चेतक ने अपने स्वामी की इच्छा को भाँपकर पूरा प्रयास किया और तमाम ऐतिहासिक चित्रों में सलीम के हाथी के सूँड़ पर चेतक का एक उठा हुआ पैर और प्रताप के भाले द्वारा महावत का छाती का छलनी होना अंकित किया गया है। महावत के मारे जाने पर घायल हाथी सलीम सहित युद्ध भूमि से भाग खड़ा हुआ।


इस समय युद्ध अत्यन्त भयानक हो उठा था। सलीम पर प्रताप के आक्रमण को देखकर असंख्य मुग़ल सैनिक उसी तरफ़ बढ़े और प्रताप को घेरकर चारों तरफ़ से प्रहार करने लगे। प्रताप के सिर पर मेवाड़ का राजमुकुट लगा हुआ था। इसलिए मुग़ल सैनिक उसी को निशाना बनाकर वार कर रहे थे। राजपूत सैनिक भी उसे बचाने के लिए प्राण हथेली पर रखकर संघर्ष कर रहे थे। परन्तु धीरे-धीरे प्रताप संकट में फँसता जा रहे थे। स्थिति की गम्भीरता को परखकर 'झाला सरदार' ने स्वामिभक्ति का एक अपूर्व आदर्श प्रस्तुत करते हुए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया। झाला सरदार 'मन्नाजी' तेज़ी के साथ आगे बढ़ा और प्रताप के सिर से मुकुट उतार कर अपने सिर पर रख लिया और तेज़ी के साथ कुछ दूरी पर जाकर घमासान युद्ध करने लगा। मुग़ल सैनिक उसे ही प्रताप समझकर उस पर टूट पड़े और प्रताप को युद्ध भूमि से दूर निकल जाने का अवसर मिल गया। उसका सारा शरीर अगणित घावों से लहूलुहान हो चुका था। युद्धभूमि से जाते-जाते प्रताप ने मन्नाजी को मरते देखा। राजपूतों ने बहादुरी के साथ मुग़लों का मुक़ाबला किया, परन्तु मैदानी तोपों तथा बन्दूकधारियों से सुसज्जित शत्रु की विशाल सेना के सामने समूचा पराक्रम निष्फल रहा। युद्धभूमि पर उपस्थित बाईस हज़ार राजपूत सैनिकों में से केवल आठ हज़ार जीवित सैनिक युद्धभूमि से किसी प्रकार बचकर निकल पाये।



Maharana Pratap Hindi Serial All Episodes Index:  https://www.youtube.com/show/bharatkaveerputramaharanapratap


Maharana Pratap - Book in Hindi
Google Book Link with Preview facility
http://books.google.co.in/books?id=az1QX5x6TMQC


Rana Pratap
Premchand
Alekh Prakashan, 01-Jan-2008 - 32 pages
http://books.google.co.in/books?id=tkmsMPn5v30C

Rana Pratap - Bharat Discovery Org Hindi article - Very detailed article




Serial Episode 6 May 2015 - 412
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SET India

Tuesday, September 23, 2014

Indian History - Hindi Material





Bharat Ka Itihas(1000 E.P-1526 E) (Google eBook)
Romila Thapar
Rajkamal Prakashan Pvt Ltd, 01-Sep-2008 - India - 333 pages



Bharatiya Ithias
Bhartiya Jnanpith